गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कार्यशाला का हुआ आयोजन
अजमेर (अजमेर मुस्कान)। गौपालन विभाग के निर्देशानुसार गौशाला प्रबन्धकों को निदेशालय गौपालन के ऑनलाईन एवं ऑफलाईन योजनाओं के संबंध में प्रशिक्षण देने के लिए शुक्रवार को जिला अजमेर एवं जिला भीलवाड़ा की गौशालाओं के प्रबन्धकों की एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन राज्य कुक्कुट प्रशिक्षण संस्थान शास्त्री नगर अजमेर मे किया गया।
पशुपालन विभाग के अतिरिक्त निदेशक क्षेत्र डॉ. सुनील घीया ने बताया की निदेशालय गौपालन विभाग से डॉ. मनोज बरवड़, डॉ. देवेन्द्र जूनेजा एवं डॉ. अशोक सुवालका ने प्रशिक्षण कार्यशाला में गौपालन विभाग से जुड़ी विभिन्न योजनाओं तथा अनुदान प्रक्रिया के बारे में गौशाला प्रबन्धकों को जानकारी दी। इसमें गौशालाओं हेतु ऑनलाईन आवेदन प्रक्रिया, गौशाला विकास योजना, नवीन गौशालाओं का पंजीकरण, ग्राम पंचायत गौआश्रय स्थल, नन्दीशाला योजना तथा गौशाला निधी नियमों की जानकारी प्रदान की गई।
उन्होंने बताया कि गौशाला प्रबन्धकों द्वारा ऑनलाईन आवेदन किस प्रकार किया जाए। इसकी प्रक्रिया को विस्तृत रूप से समझाया गया। गौशाला प्रबन्धकों द्वारा मासिक केपीआई एवं गौपालन विभाग द्वारा औचक निरीक्षण आदि की जानकारी भी प्रदान की गई। गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की विभिन्न व्यवसायिक प्रक्रियाओं जैसे गौकाष्ट मशीन का उपयोग, गोबर गैस प्लांट एवं गोउत्पादों के बारे में अवगत कराया गया। गौपालन विभाग के अधिकारियों द्वारा गौशाला प्रबन्धकों द्वारा गौशाला से जूड़ी विभिन्न समस्याओं का समाधान किया गया।
उन्होंने बताया कि भीलवाड़ा एवं अजमेर जिले की लगभग 50 गौशालाओं के प्रतिनिधीयों ने कार्यशाला में भाग लिया एवं इसे गौशालाओं के लिए बहुत उपयोगी बताया। गौपालन प्रभारी डॉ. शैलेष तिवारी ने सभी आगन्तुकों का आभार व्यक्त किया।

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