योग से निरोगी भारत की ओर : भाजपा एवं विवेकानंद केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में निशुल्क योग एवं प्राणायाम प्रशिक्षण शिविर प्रारंभ
सनातन ज्ञान और योग ही आधुनिक जीवनशैली की समस्याओं का समाधान : अनिता भदेल
21 जून अंतरराष्ट्रीय योग दिवस तक चलेगा विशेष प्रशिक्षण अभियान, नियमित सहभागियों को विभिन्न सम्मान से किया जाएगा सम्मानित
अजमेर (अजमेर मुस्कान)। भारतीय जनता पार्टी एवं विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी, राजस्थान प्रांत के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित निशुल्क योग एवं प्राणायाम प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ आज उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। यह शिविर आगामी 21 जून, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस तक नियमित रूप से संचालित किया जाएगा। शिविर का उद्देश्य आमजन को योग, प्राणायाम एवं भारतीय जीवन पद्धति से जोड़ते हुए स्वस्थ, अनुशासित और जागरूक समाज का निर्माण करना है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अजमेर दक्षिण विधायक एवं पूर्व मंत्री अनिता भदेल उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने उद्बोधन में योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि “रोगी होने के बाद दवाइयों पर निर्भर रहने से बेहतर है कि हम योग के माध्यम से निरोगी जीवन जीने की दिशा में आगे बढ़ें। योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित, अनुशासित और सकारात्मक बनाने की वैज्ञानिक पद्धति है।” उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली, अनियमित खानपान और भौतिक सुख-सुविधाओं की अंधी दौड़ ने मनुष्य को अनेक शारीरिक एवं मानसिक समस्याओं की ओर धकेला है, किंतु भारत की सनातन परंपरा और महर्षि पतंजलि द्वारा प्रदत्त योग ज्ञान आज भी मानवता को स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखा रहा है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि वे आलस्य और मन की गुलामी छोड़कर नियमित रूप से प्रातः 5:30 बजे शिविर में उपस्थित हों तथा अपने परिवार, मित्रों और बच्चों को भी साथ लेकर आएं। श्रीमती भदेल ने कहा कि यह शिविर पूरी तरह सेवा भावना से आयोजित किया जा रहा है और इसमें प्रशिक्षित योगाचार्यों द्वारा शास्त्रीय पद्धति से योगाभ्यास कराया जाएगा। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से विशेष आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र, वार्ड एवं बूथ स्तर तक इस अभियान का प्रचार-प्रसार करें ताकि अधिक से अधिक नागरिक इस स्वास्थ्य जागरण अभियान से जुड़ सकें।
कार्यक्रम के दौरान विवेकानंद केंद्र के प्रांत कार्य पद्धति प्रमुख डॉ. स्वतंत्र शर्मा ने शिविर की रूपरेखा एवं विशेष योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को योगमय बनाने की साधना है। उन्होंने बताया कि शिविर में नियमित सहभागियों को प्रोत्साहित करने के लिए “कर्मयोगी सम्मान”, “योगदूत सम्मान”, “अनुशासन योगी सम्मान”, “प्रेरणा योगी सम्मान”, “स्वास्थ्य साधक सम्मान”, “शक्ति योगिनी सम्मान”, “युवा योग प्रेरक सम्मान” एवं “योग प्रशिक्षक गौरव सम्मान” जैसी विशेष श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। डॉ. शर्मा ने कहा कि 21 जून तक के इस एक माह के नियमित अभ्यास से प्रतिभागी न केवल अपने स्वास्थ्य में सकारात्मक परिवर्तन अनुभव करेंगे, बल्कि स्वयं भी योग प्रशिक्षण देने में सक्षम बन सकेंगे। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से योग को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि आज की त्वरित एवं कृत्रिम जीवनशैली के बीच योग ही स्थायी स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन का मार्ग है। उन्होंने यह भी कहा कि विवेकानंद केंद्र द्वारा आवर्तन ध्यान, श्वसन अभ्यास, सूर्य नमस्कार, प्राणायाम, शीतलीकरण एवं तनाव प्रबंधन जैसी वैज्ञानिक और व्यावहारिक विधियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे व्यक्ति अपने दैनिक जीवन को अधिक संतुलित एवं ऊर्जावान बना सके।
कार्यक्रम में नगर प्रमुख अंकुर प्रजापति ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को वैश्विक पहचान दिलाने में भारत और प्रधानमंत्री की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आज विश्व भारत की योग परंपरा को स्वीकार कर स्वस्थ जीवन की दिशा में आगे बढ़ रहा है। नगर प्रमुख ने नागरिकों से अधिकाधिक संख्या में सहभागी बनने का आग्रह करते हुए कहा कि यह केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य का अभियान नहीं, बल्कि समाज को निरोगी, जागरूक एवं सकारात्मक बनाने का सामूहिक प्रयास है। विशाल मैदान एवं प्रशिक्षित योग शिक्षकों की उपलब्धता के साथ यह शिविर जनभागीदारी के माध्यम से एक व्यापक स्वास्थ्य आंदोलन का स्वरूप ग्रहण करेगा। कार्यक्रम में विवेकानंद केंद्र के योग प्रशिक्षकों, भाजपा कार्यकर्ताओं, महिलाओं, युवाओं एवं बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति रही। आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी दिनों में यह शिविर जनजागरण एवं स्वास्थ्य संवर्धन का प्रभावी माध्यम बनेगा।

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