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पीएमएफएमई योजना को लेकर कृषि मंडी में हुई महत्वपूर्ण बैठक

पीएमएफएमई योजना को लेकर कृषि मंडी में हुई महत्वपूर्ण बैठक

पीएमएफएमई योजना को लेकर कृषि मंडी में हुई महत्वपूर्ण बैठक

अधिकारियों एवं व्यापारियों ने रखे सुझाव

अजमेर (अजमेर मुस्कान)। कृषि उपज अनाज मंडी में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक एवं विचार-विमर्श कार्यक्रम आयोजित किया गया। 

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के उद्देश्यों, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, व्यापारियों एवं उद्यमियों को मिलने वाले लाभ, स्वरोजगार एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के विकास पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही योजना के संचालन में आ रही कमियों, व्यावहारिक समस्याओं पर चिन्तन किया गया। अपेक्षित गति से कार्य नहीं होने वाले क्षेत्रों एवं बिंदुओं पर गंभीर विचार-विमर्श किया गया।

कार्यशाला के दौरान पीएमएफएमई योजना के लाभार्थियों को सब्सिडी के चेक वितरित कर उन्हें सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर लाभार्थियों ने योजना के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे स्वरोजगार एवं उद्योग विकास के लिए उपयोगी बताया।

कार्यक्रम में कृषि उपज अनाज मंडी के सचिव श्री महेश शर्मा ने अपने उद्बोधन में योजना को पुनः अधिक प्रभावी रूप से लागू करने एवं अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अत्यंत भावुक एवं प्रेरणादायक शब्दों में अपने जीवन संघर्ष और सफलता की कहानी साझा करते हुए कहा कि यदि पीएमएफएमई योजना और श्री अजेंद्र सिंह जैसे मार्गदर्शक का सहयोग नहीं मिला होता, तो शायद  आज भी केवल पुजारी के रूप में ही जीवन यापन कर रहा होता। आज आत्मविश्वास के साथ एक व्यापारी एवं उद्यमी के रूप में खड़ा होने में इस योजना और अजेंद्र सिंह जी के अथक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने केवल योजना की जानकारी ही नहीं दी, बल्कि हर कदम पर मार्गदर्शन, सहयोग और प्रेरणा प्रदान की। 

महेश शर्मा की इस मार्मिक अभिव्यक्ति ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों, व्यापारियों एवं उद्यमियों को भावुक कर दिया। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त सचिव श्री देवेश देवल ने भी इस अनुभव को अत्यंत गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना तथा कहा कि ऐसी योजनाएं तभी सफल मानी जाती हैं जब वे किसी व्यक्ति के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाकर उसे आत्मनिर्भर बनाने का माध्यम बनें।

उपस्थित अधिकारियों एवं व्यापारियों ने योजना को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं जनहितकारी बनाने के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए। बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को मजबूत बनाकर स्थानीय उद्यमियों, किसानों एवं व्यापारियों को आर्थिक रूप से सशक्त किया जा सकता है। उपस्थित अधिकारियों, व्यापारियों एवं उद्यमियों ने योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु समन्वय एवं सहयोग बनाए रखने का संकल्प व्यक्त किया।

कार्यक्रम में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त सचिव श्री देवेश देवल, राजस्थान कृषि विपणन बोर्ड के निदेशक श्रीराजेश चौहान, संयुक्त निदेशक बलवीर मीणा, किशनगढ़ मंडी सचिव ओम प्रकाश चौधरी, चीफ जिला रिसोर्स पर्सन अजेंद्र सिंह, मंडी सचिव निवाई डॉ. कमल किशोर सोनी, अतिरिक्त मंडी सचिव मालपुरा (टोंक) प्रियंका गर्ग, सचिव देवली कुलदीप सिंह मीणा, दूनी सचिव मुस्कान नरेडा, जैतारण मंडी सचिव सुश्री आरती, कृषि मंडी सचिव ब्यावर श्री बनवारी लाल माथुर एवं कृषि उपज अनाज मंडी के सचिव श्री महेश शर्मा सहित विभिन्न मंडियों के पदाधिकारी एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।

बैठक में कृषि मंडी के पदाधिकारियों में हिमांशु बेरवाल, सुमेर सिंह, नरेंद्र कुमार बंसीवाल एवं इंद्राज गुर्जर सहित बड़ी संख्या में व्यापारी एवं उद्यमी मौजूद रहे। पीएमएफएमई योजना के लाभार्थियों में सत्यनारायण कानावत, अर्जुन पलारिया, महेश शर्मा, नेमीचंद कुमावत, प्रकाश कुमावत, सुरेंद्र कुमार सहित अन्य व्यापारी एवं उद्यमियों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई।

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