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महाराजा दाहरसेन के बलिदान दिवस की पूर्व संध्या पर हुआ दीपदान

महाराजा दाहरसेन के बलिदान दिवस की पूर्व संध्या पर हुआ दीपदान

महाराजा दाहरसेन के बलिदान दिवस की पूर्व संध्या पर हुआ दीपदान

16 जून को प्रातः 8 बजे बलिदान दिवस पर देशभक्ति व श्रृद्धासुमन अर्पण

अजमेर (अजमेर मुस्कान)।   सिन्धपुति महाराजा दाहरसेन के 1314वें बलिदान दिवस की पूर्व संध्या पर सिन्धुपति महाराजा दाहरसेन स्मारक पर दीपदान व हिंगलाज माता पूजन किया गया।

समिति की ओर से हिंगलाज माता पूजा अर्चना के  पश्चात् महाराजा दाहरसेन की मूर्ति पर माल्यार्पण कर श्रृद्धासुमन अर्पण किये गये। दीपदान कर गगनभेदी नारों से जब तक सूरज चांद रहेगा, दाहरसेन तेरा नाम रहेगा, भारत माता की जय, दाहरसेन तेरा यह बलिदान याद करेगा हिन्दुस्तान...... सारा वातावरण गंजायमान कर दिया। भारतीय सिन्धू सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेन्द्र कुमार तीर्थाणी ने कहा कि समिति की ओर से निरंतर वर्ष भर महापुरूषांें की जयंतियों व बलिदान दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं और यह पहला स्मारक है जहां 1857 की क्रांति से लेकर 1947 के विभाजन तक बलिदान हुये महापुरूषों की मूर्तियों से प्रेरणा स्थल है जिसमें राणा रतन सिंह, रूपलो कोल्ही व हेमू कालाणी सहित कई महापुरूषों के चित्र हैं।

बाड़मेर से पधारे तेजदान चारण जो सिन्ध से 1989 में हिन्दुस्तान आए थे। उनका हिंगलाज मंदिर में स्वागत सत्कार किया। तेजदान चारण ने कहां कि सिन्धी सिन्ध को भूले नहीं यह हमारी मातृ भूमि है सिन्ध के राजा दाहरसेन ने भी अपने पूरे परिवार को मातृ रखा के लिए बलिदान कर दिया।

इस अवसर पर मुकेश खींची, कवंल प्रकाश किशनानी, भगवान गोस्वामी, सीताराम बच्चानी, रमेश वलीरामानी, खूबचंद भागचंदानी, प्रकाश हिंगोरानी, शैलेन्द्र सिंह परमार, श्याम सुंदर सांखला, चन्द्रभान प्रजापति, निरंजन शर्मा, मोहन तुलस्यिाणी, नरेन्द्र बसराणी, महेश टेकचंदाणी, मुकेश कुमार आर्य, कैलाश लखवाणी सहित कार्यकर्ता उपस्थित थे।

समिति के सम्पत सांखला ने बताया कि 16 जून को प्रातः 8.00 बजे से सिन्धुपति महाराजा दाहरसेन स्मारक, हरिभाउ उपाध्याय नगर पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किये जायेगें। साथ ही स्मारक पर स्थित हिंगलाज माता मन्दिर पर पूजा अर्चना, महापुरूषों की मूर्तियों पर श्रद्धासुमन अर्पण व देशभक्ति गीत प्रस्तुत किये जायेगें। इन सभी कार्यक्रमों में नगर निगम अजमेर, अजमेर विकास प्राधिकरण, भारतीय सिन्धू सभा, सिन्धुपति महाराजा दाहरसेन विकास एवं समारोह समिति व सिन्धु इतिहास व साहित्य शोध संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।  

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