गर्भास्थ शिशु संरक्षण समिति की बैठक सम्पन्न
दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन 18-19 सितम्बर को
किशनगढ़ (अजमेर मुस्कान)। गर्भस्थ शिशु सरंक्षण समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष सुशील अग्रवाल ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष रामकिशोर तिवाड़ी व कार्यकारी अध्यक्ष श्याम सुन्दर मंत्री के सानिध्य में किशनगढ़ प्रवास के दौरान ममता मार्बल प्रा. लि. के परिसर में एक बैठक हुई जिसमें आगामी 18-19 सितंबर को दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन करने पर सहमति बनाई गई ।
समिति की अजमेर जिला इकाई अध्यक्ष आभा गांधी ने बताया कि बैठक में अग्रवाल शिक्षण संस्थान के अध्यक्ष घनश्याम अग्रवाल, आरएसएस के मुकेश अग्रवाल, लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष उमेश गोयल नागौर जिला माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष कैलाश नारायण मूंदड़ा, किशनगढ़ माहेश्वरी समाज के उपाध्यक्ष नृसिंह मालपानी, संस्था के साधक सत्यनारायण मूंदड़ा, संजय मूंदड़ा आदि उपस्थित लोगों ने राष्ट्रीय अधिवेशन को सफल बनाने हेतु सुझाव दिये एवं पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया । अग्रवाल समाज के अध्यक्ष अमित अग्रवाल, माहेश्वरी समाज के अध्यक्ष शिवचरण ईनाणी, संस्था के समर्पित साधक ओम तोषनीवाल आदि ने सनातन संस्कृति के उन्नयन, बेटी ब्याहो बहु पढ़ाओ प्रकल्प, भ्रूण हत्या के विरुद्ध एवं 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान के समर्थन में विस्तृत चर्चा के उपरान्त 18-19 सितम्बर को किशनगढ़ राष्ट्रीय सम्मेलन करने का निर्णय हुआ।
संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामकिशोर तिवाड़ी ने अपने उद्बोधन में बताया कि समिति विगत 30 वर्षों से भ्रूण हत्या रोकने एवं सनातन संस्कृति के संरक्षण-संवर्द्धन हेतु पूरे भारतवर्ष में अभियान चला कर जन जागरण का कार्य कर रही है साथ ही संस्था ने हजारों गोष्ठियों एवं विचार विमर्श के कार्यक्रम विभिन्न समाज संगठनों, स्वयंसेवी संगठनों, प्रशासनिक अधिकारियों, पंडितों-आचार्यों, कथावाचकों-संतों चिकित्सकों के साथ आयोजित किए हैं । समय समय पर केन्द्र सरकार के समक्ष भी इस सम्बन्ध में क़ानूनी सुधार के लिए अपनी भावना प्रकट की और जिससे गर्भपात रोकने सम्बन्धी कानून भी बने । कार्यकारी अध्यक्ष श्याम सुन्दर मंत्री ने बताया कि जोधपुर में आयोजित तीन दिवसीय रजत जयंती समारोह में भावी पीढ़ी में संस्कारों में आ रही गिरावट पर गहन चिंतन किया गया । मंथन में आया कि संस्कारों की प्रथम पाठशाला संयुक्त परिवार समाप्त हो रहे हैं दूसरा विधालय में भी बच्चों को संस्कार की शिक्षा नहीं मिल रही है अतः संस्था द्वारा भारतीय संस्कृति के उन्नयन एवं पारम्परिक मान्यताओं के प्रति जागरूकता लाने के लिए जनजागरण अभियान में तेज़ी लाई जाये साथ ही बेटियों का विवाह समय पर हो और बहू को पढ़ाने की मुहिम चलाने के लिए मातृशक्ति सम्मेलन आयोजित किए जाए तब से संस्था बेटी बचाओ बेटी के जन्म पर उत्सव मनाओ, बेटी को समय पर ब्याहो और बहू को आगे पढ़ाओ प्रकल्प एवं मातृ पितृ चरण पूजन, गीता ज्ञान परिक्षा, संस्कार निर्माण शिविर पर काम कर रही है और किशनगढ़ में आयोजित होने वाला राष्ट्रीय सम्मेलन संस्कार निर्माण के लिए मील का पत्थर साबित होगा ।

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