Ticker

6/recent/ticker-posts

अजयमेरू लेडीस सोशल सोसाइटी ने श्राद्ध पक्ष के प्रथम दिन बुजुर्गों संग किया योग, गायत्री मंत्र जाप एवं संवाद

अजयमेरू लेडीस सोशल सोसाइटी ने श्राद्ध पक्ष के प्रथम दिन  बुजुर्गों संग किया योग, गायत्री मंत्र जाप एवं संवाद

अजयमेरू लेडीस सोशल सोसाइटी ने श्राद्ध पक्ष के प्रथम दिन
बुजुर्गों संग किया योग, गायत्री मंत्र जाप एवं संवाद


अजमेर (अजमेर मुस्कान)। अजयमेरू लेडीस सोशल सोसाइटी की ओर से रविवार को श्राद्ध पक्ष के प्रथम दिन दौलत बाग में बुजुर्गों के साथ आत्मीय संवाद एवं योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। सुबह 7.30 से 9.30 बजे तक आयोजित कार्यक्रम में सोसाइटी की सदस्यों ने बुजुर्गों के साथ गायत्री मंत्र का जाप एवं योग किया तथा उनके साथ समय बिताकर उनकी भावनाओं, यादों और जीवन के अनुभवों को जाना। इस दौरान बुजुर्गों को समोसे, क्रीम रोल एवं चॉकलेट वितरित किए गए तथा उनके साथ विभिन्न खेल भी खेले गए।


सोसाइटी की अध्यक्ष दिशा प्रकाश किशनानी ने बताया कि बुजुर्गों के मन की बात    ए.एल.एस.एस के साथ प्रोजेक्ट का उद्देश्य बुजुर्गों के साथ समय बिताना, उनकी भावनाओं को समझना तथा उनके जीवन के अनुभवों और यादों को साझा करना है। इस मुहिम की शुरुआत 26 जनवरी 2025 से की गई थी, जो निरंतर जारी है।


कार्यक्रम के दौरान सोसाइटी की सदस्यों ने बुजुर्गों से आत्मीय बातचीत करते हुए जाना कि वे अपना दिन किस प्रकार बिताते हैं, पार्क में अपने हमउम्र साथियों से मिलने पर उन्हें कैसा महसूस होता है तथा वे किस प्रकार एक-दूसरे के साथ अपने मन की बातें साझा करते हैं। सदस्यों ने उनकी पसंदीदा यादों, जीवन के अनुभवों और रुचियों के बारे में भी जानकारी ली।


इस अवसर पर नीरू जैन, मानसी थारवानी, ऋतु मोतिरमानी सहित सोसाइटी की अन्य सदस्य उपस्थित रहीं। सदस्यों ने बुजुर्गों के साथ हंसी-मजाक और खेलों के माध्यम से खुशनुमा माहौल बनाया तथा उनके साथ आत्मीयता के पल साझा किए।


अजयमेरू लेडीस सोशल सोसाइटी की यह पहल विशेष रूप से उन बुजुर्गों के लिए है, जो अकेले रहते हैं अथवा जिनके बच्चे और परिवारजन उनसे दूर रहते हैं। सोसाइटी का प्रयास है कि बुजुर्गों को अकेलेपन का एहसास न हो और उन्हें अपने हमउम्र साथियों एवं समाज के लोगों के साथ बातचीत तथा आनंद के अवसर मिलते रहें।


सोसाइटी का मानना है कि बुजुर्गों के साथ नियमित संवाद, समय बिताना और उनकी बातों को ध्यानपूर्वक सुनना उनके सामाजिक एवं भावनात्मक जुड़ाव को बढ़ाने में सहायक हो सकता है। सोसाइटी ने अधिक से अधिक बुजुर्गों से इस मुहिम से जुड़ने और अपने अनुभव साझा करने का आह्वान किया है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ