स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 की तैयारियों को लेकर एक दिवसीय आमुखीकरण कार्यशाला आयोजित
निदेशक ने निकायों को स्वच्छता रैंकिंग सुधारने के दिए निर्देश
12500 अंकों के मानकों पर परखा जाएगा शहरों का रिपोर्ट कार्ड
अजमेर (अजमेर मुस्कान)। नगर निगम सभागार में बुधवार को स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 की तैयारियों के संबंध में एक दिवसीय आमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता निदेशक प्रतीक जुइकर द्वारा की गई। उन्होंने सभी नगरीय निकायों को स्वच्छता रैंकिंग में सुधार के लिए ठोस, परिणामोन्मुखी एवं समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण केवल रैंक प्राप्त करने की प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि शहर की स्वच्छता संस्कृति को सुदृढ़ करने का एक सतत अभियान है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष का सर्वेक्षण कुल 12500 अंकों का होगा। इसमें विजिबल स्वच्छता, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और अपशिष्ट प्रसंस्करण पर विशेष फोकस रहेगा। सभी निकायों को ओडीएफ प्लस प्लस और वॉटर प्लस की रेटिंग प्राप्त करने के लिए सीवरेज और वाटर मैनेजमेंट को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए। इस बार सर्वेक्षण में नागरिकों की भागीदारी और फीडबैक को उच्च प्राथमिकता दी गई है। पर्यटन व धार्मिक नगरों के साथ-साथ स्कूलों में व्यवहार परिवर्तन की गतिविधियों पर विशेष जोर रहेगा। सभी निकायों को स्वच्छतम पोर्टल पर सही और सटीक डेटा दर्ज करने तथा प्रतिमाह एमआईएस अपडेट रखने के सख्त निर्देश दिए गए। बैठक में स्रोत पर कचरा पृथक्करण, जनजागरूकता अभियान, नागरिक सहभागिता, ओडीएफ प्लस प्लस एवं वॉटर प्लस मानकों की प्राप्ति तथा डेटा की शुद्धता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। सभी निकायों को स्वच्छतम पोर्टल पर सटीक डेटा प्रविष्टि एवं नियमित एमआईएस अपडेट रखने के निर्देश प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में आगामी मार्च माह से प्रारंभ होने वाले स्वच्छ सर्वेक्षण के संबंध में टूलकिट आधारित दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। निर्देशित किया गया कि टूलकिट के आधार पर समस्त नगरीय निकाय स्वयं का विस्तृत एक्शन प्लान तैयार करेंगे तथा उसका समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे। सभी निकायों को अपने-अपने स्तर पर अधिकारियों, इंजीनियरिंग विंग, सीएसआई, सफाई कर्मचारियों एवं संबंधित स्टाफ के साथ बैठक कर विशेष स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य अभियंता अरुण व्यास ने स्वच्छता अवसंरचना सुदृढीकरण, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, अपशिष्ट प्रसंस्करण एवं तकनीकी मानकों के प्रभावी अनुपालन पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया।
आमुखीकरण कार्यक्रम का उद्देश्य निकायों को स्वच्छ सर्वेक्षण के निर्धारित मानकों, मूल्यांकन प्रक्रिया एवं कार्ययोजना निर्माण की रूपरेखा से अवगत कराना था। कार्यशाला में स्टेट पीएमयू टीम लीडर, आईईटी एक्सपर्ट एसडब्ल्यूएम (ठोस कचरा प्रबंधन) एक्सपर्ट और यूडब्ल्यूएम स्टेट को-ऑर्डिनेटर ने तकनीकी सत्रों के माध्यम से आगामी सर्वेक्षण की बारीकियों को समझाया।
कार्यक्रम में उपनिदेशक क्षेत्रीय सना सिद्दीकी, नगर निगम उपायुक्त अनीता चौधरी तथा कीर्ति कुमावत उपस्थित रहे। बैठक में निदेशालय के मुख्य अभियंता अरुण व्यास, अधिशासी अभियंता ओम प्रकाश काला, पीएमयू के टीम लीडर संतोष चन्द्र अग्रवाल, एसडब्ल्यूएम विशेषज्ञ हेमंत नागर, यूज्ड वाटर विशेषज्ञ इफ्तार आलम, आरईसी विशेषज्ञ राहुल बंसीवाल, कॉर्डिनेटर शिवराज सिंह शेखावत, इसके अतिरिक्त संबंधित जिलों के समस्त नगर निकायों के आयुक्त, अधिशाषी अधिकारी एवं तकनीकी अधिकारी उपस्थित रहे।

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