जिला संकट स्थिति समूह की बैठक आयोजित
अजमेर (अजमेर मुस्कान)। जिला संकट स्थिति समूह की बैठक मंगलवार को जिला कलक्टर लोक बन्धु की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इसमें आपदा के दौरान सहभागिता निभाने वाले विभिन्न घटकों तथा संस्थाओं के मध्य विस्तृत चर्चा की गई।
जिला कलक्टर लोक बन्धु ने कहा कि जिले के कई व्यापक दुर्घटना परिसंकट संस्थापन स्थापित है। उनकी भण्डारण क्षमता के अनुरूप सुरक्षा उपाय अपनाने के लिए तत्पर रहना चाहिए। आवश्यकतानुरूप सुरक्षा उपकरण भी संस्थान के पास उपलब्ध रहे। ज्वलनशील पदार्थों के रिसाव को रोकने के लिए पूर्व तैयारी रखें। संयत्र की लगातार मॉनिटरिंग करना इसके लिए बेहतर रहेगा। रिसाव की स्थिति में किसी प्रकार की जन हानि रोकना पहली प्राथमिकता रहनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि संस्थान द्वारा प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्तर की मॉक ड्रिल नियमित अन्तराल से की जाए। साथ ही कार्मिकों तथा चालकों का आपात स्थिति का प्रशिक्षण भी होना चाहिए। सुरक्षा उपकरणों की लगातार मरम्मत कर उनका सुचारू संचालन सुनिश्चित करें। आपदा के दौरान कार्य करने वाले समस्त घटक आपसी समन्वय के साथ कार्य कर हानि को न्यूनतम कर सकते हैं। आवश्यकता होने पर संसाधनों को साझा भी करें।
उन्होंने कहा कि समस्त संस्थाएं अपने सुरक्षा उपकरणों, संसाधनों तथा सुविधाओं की जानकारी जिला प्रशासन के साथ साझा करेंगे। इसी प्रकार जिला प्रशासन के संसाधनों की जानकारी भी रखेंगे। इनका आपात परिस्थिति में उपयोग लिया जा सकेगा। ज्वलनशील पदार्थों की प्रकृति के अनुसार अग्निशमन अपनाएं। महत्वपूर्ण आपातकालीन नम्बरों को लगातार अपडेट रखें।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा के प्रति गम्भीरता तथा जागरूक होना अति आवश्यक है। प्लांट के बाहर रोड़ साईड पार्किंग हादसे को आमंत्रित करती है। इसे रोका जाना चाहिए। टैंकरों से तेल तथा गैस चोरी को रोकने के लिए तकनीक का सहारा लें। पाईपलाइन गुजरने वाले क्षेत्रों के निवासियों, जनप्रतिनिधियों, कर्मिकों, अधिकारियों के सम्पर्क में रहें। उन्हें आपात स्थिति के लिए जागरूक तथा तैयार करें। स्थानीय आपदा प्रबन्धन समूह से भी जुड़ें।
इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर वन्दना खोरवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खान मोहम्मद, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के सचिन देव, भारत पेट्रोलियम के एम. गणेश, गेल के हिमांशु शर्मा, इण्डेन के राजीव कुमार सेन, एचपी के देवेन्द्र काले सहित अधिकारी उपस्थित रहे।

0 टिप्पणियाँ