Ticker

6/recent/ticker-posts

झड़वासा–सिंघावल दोहरीकृत रेल खंड का रेल संरक्षा आयुक्त (CRS) द्वारा गहन निरीक्षण एवं सफल स्पीड ट्रायल

झड़वासा–सिंघावल दोहरीकृत रेल खंड का रेल संरक्षा आयुक्त (CRS) द्वारा गहन निरीक्षण एवं सफल स्पीड ट्रायल

झड़वासा–सिंघावल दोहरीकृत रेल खंड का रेल संरक्षा आयुक्त (CRS) द्वारा गहन निरीक्षण एवं सफल स्पीड ट्रायल

अजमेर (अजमेर मुस्कान)। उत्तर पश्चिम रेलवे, अजमेर मंडल के अंतर्गत झड़वासा से सिंघावल रेल खंड पर दोहरीकरण कार्य पूर्ण होने के पश्चात इसे यात्री यातायात हेतु अधिकृत करने के उद्देश्य से रेल संरक्षा आयुक्त (पश्चिमी परिमंडल) ई. श्रीनिवास द्वारा विधिवत संरक्षा निरीक्षण एवं सफल स्पीड ट्रायल संपन्न किया गया।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक मिहिर देव के अनुसार, झड़वासा व सिंघावल स्टेशनों के मध्य नवनिर्मित दोहरीकृत ट्रैक पर रेल सेवाओं के सुरक्षित व सुचारू संचालन से पूर्व समस्त तकनीकी एवं सुरक्षा मानकों की गहन जांच की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ सिंघावल स्टेशन पर विधिवत पूजा-अर्चना एवं पौधारोपण के साथ किया गया। निरीक्षण के दौरान रेल संरक्षा आयुक्त ई. श्रीनिवास के साथ देव प्रकाश चौहान उप रेल संरक्षा आयुक्त, विवेक सक्सेना मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण), राजू भूतड़ा मंडल रेल प्रबंधक अजमेर, संदीप जैन मुख्य इंजीनियर,निर्माण, शिवचरण मीना मुख्य इंजीनियर, विशंभर दयाल, मुख्य विद्युत इंजीनियर,निर्माण, दीपक वर्मा, मुख्य सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर, निर्माण तथा नीरज कुमार उप मुख्य इंजीनियर सहित मंडल एवं निर्माण संगठन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी व अभियंता उपस्थित थे। 

निरीक्षण दल द्वारा लगभग 19.57 किमी (लगभग 20 किमी यार्ड सहित) लंबे इस रेल खंड के तीनों स्टेशनों—झड़वासा, बांदनवाड़ा और सिंघावल के मध्य मोटर ट्रॉली तथा पैदल चलकर ट्रैक, पॉइंट एवं क्रॉसिंग, कर्व, रेल पुलों, सिगनलिंग और ओवरहेड ट्रैक्शन (विद्युतीकरण) का बारीकी से परीक्षण किया गया। इसके साथ ही तीनों स्टेशनों पर परिचालन, यात्री सुविधाओं व संरक्षा उपकरणों की समीक्षा की गई तथा उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। गहन निरीक्षण के उपरांत झड़वासा से सिंघावल के मध्य सीआरएस स्पेशल ट्रेन द्वारा गति परीक्षण (स्पीड ट्रायल) आयोजित किया गया। इस दौरान ट्रेन ने 125 से 130 किमी, घंटा की गति प्राप्त की। ट्रायल के दौरान ट्रैक स्टेबिलिटी और राइडिंग क्वालिटी संतोषजनक पाई गई।

रेल संरक्षा आयुक्त से औपचारिक प्राधिकार व संरक्षा प्रमाणपत्र  प्राप्त होने पर इस दोहरीकृत रेल खंड पर ट्रेनों का नियमित संचालन प्रारंभ होगा। जिससे इस मार्ग पर ट्रेनों की गतिशीलता व समयबद्धता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ