राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित
अजमेर (अजमेर मुस्कान)। जिला कलक्टर लोकबंधु की अध्यक्षता में शुक्रवार को राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला कलक्टर ने राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों, संपर्क पोर्टल, राजस्व वसूली, नामांतरण, भूमि रूपांतरण के प्रकरणों सहित अन्य राजस्व कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिला कलक्टर ने उपखण्ड स्तर पर साप्ताहिक समन्वय बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। इससे स्थानीय स्तर के मुद्दों का तत्काल समाधान संभव होगा। इसी प्रकार ब्लॉक स्तरीय समितियों की भी नियमित बैठके हो। दिव्यांगों को शत-प्रतिशत लाभान्वित करने के लिए चलाए जा रहे सम्बल अभियान के बारे में भी बैठक ली जाए। वर्तमान में चलाए जा रहे फॉलोअप शिविरों को देखते हुए कार्मिक सक्षम स्तर से स्वीकृति उपरान्त ही मुख्यालय छोड़ंेगे।
उन्होंने कहा कि अधिकारी जनहित के मुद्दों पर विशेष ध्यान दे। सम्पर्क पोर्टल, मीडिया एवं अन्य स्तरों से प्राप्त शिकायतों का त्वरित गति से निस्तारण करे। फॉलोअप शिविरों में किए जाने वाले कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए। जर्जर एवं क्षतिग्रस्त भवनों का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। जल अर्पण कार्यक्रम के लिए निर्धारित गतिविधियों का आयोजन किया जाए। विभिन्न विकास कार्यों के कार्यादेश जारी करवाकर कार्य आरम्भ कराएं।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों में प्राप्त प्रकरणों का 15 अगस्त तक निस्तारण अवश्य कराएं। प्रकरणों का निस्तारण नहीं होने पर सम्बन्धित व्यक्ति के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी। आबादी विस्तार के प्रकरणों का नियमानुसार निस्तारण करें। घुमन्तु एवं अर्धघुमन्तु श्रेणी के परिवारों को भूमि आवंटित करने में विशेष प्राथमिकता दी जाए। उन्हें आवंटित भूमि के पट्टे भी जारी कराएं। राजकीय प्रयोजनार्थ भूमि आवंटन एवं आरक्षण की कार्यवाही की जाए।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत जी-रामजी के लिए कार्यों के प्रस्ताव बनाएं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम की उपखण्ड़ अधिकारी, विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी एवं कमेटी के स्तर पर बकाया प्रकरणों को निस्तारित करें। भूमि अवाप्ति के प्रकरणों में अवॉर्ड देकर सम्बन्धित पक्ष को कब्जा सुपुर्द कराएं। आपत्तियों का निस्तारण भी समय पर हो। फॉर्मर रजिस्ट्री समस्त प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजन के लाभार्थियों की होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि राजस्व न्यायालयों में विचाराधीन पुराने प्रकरणों में साप्ताहिक सुनवाई कर निर्णय दिया जाना सुनिश्चित किया जाए। राजस्व न्यायालयों के प्रकरणों के जवाब तत्काल भिजवाएं। राजस्थान भू-राजस्व (एलआर) अधिनियम के अन्तर्गत वसूली के नोटिस जारी कर सम्पत्ति अटैच करें। परिवहन विभाग तथा आबकारी विभाग की वसूली को प्राथमिकता दे। लेखा जाँच दल के आक्षेपों में पालना सुनिश्चित कराएं। संपरिवर्तन तथा आवंटन के प्रकरणों में जाँच करके भूमि का वास्तविक उपयोग ठीक प्रकार से हो।
उन्होंने संपर्क पोर्टल पर लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि असंतुष्ट परिवादियों के प्रकरणों का सक्षम स्तर के अधिकारियों द्वारा पुनः सत्यापन कराया जाए। साथ ही पोर्टल पर लंबित प्रकरणों का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया जाए। अधिकारियों को संतुष्टि स्तर बढ़ाने तथा औसत निस्तारण समय को कम करने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए कार्य करना चाहिए।
जिला कलक्टर ने तहसीलवार राजस्व वसूली की समीक्षा करते हुए भू-राजस्व अधिनियम के अंतर्गत लंबित प्रकरणों में नोटिस तामील एवं कुर्की की कार्यवाही कर वसूली में गति बढ़ाने तथा गिरदावर सर्कल स्तर पर नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समस्त पटवारियों का मुख्यालय पर ही ठहराव होना चाहिए।
इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. अभिषेक गोयल, वंदना खोरवाल एवं नरेन्द्र कुमार मीणा, उपखंड अधिकारी पदमा देवी, तहसीलदार ओम सिंह लखावत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। उपखंड स्तर के राजस्व अधिकारियों ने वीसी के माध्यम से बैठक में सहभागिता की।

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